Kabaddi Rules: भारत में सबसे लोकप्रिय 5 गेमों में से एक कबड्डी का पूरा नियम और मजेदार जानकारी

अगर आप भारत में पले-बढ़े हैं, तो आपने कभी न कभी “कबड्डी-कबड्डी” की आवाज़ ज़रूर सुनी होगी। ये सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जोश, एक परंपरा और एक टीम स्पिरिट की पहचान है।Kabaddi Rules: भारत में सबसे लोकप्रिय 5 गेमों में से एक कबड्डी का पूरा नियम और मजेदार जानकारी आज हम इसी खेल की पूरी कहानी और इसके नियमों को समझेंगे, ताकि आपको इसे देखने या खेलने के लिए कहीं और जानकारी खोजने की ज़रूरत न पड़े।

1. भारत में सबसे लोकप्रिय 5 गेम कौन से हैं?
भारत में अगर बात की जाए सबसे पसंद किए जाने वाले खेलों की, तो पहले नंबर पर आता है क्रिकेट, दूसरे पर फुटबॉल, तीसरे पर कबड्डी, चौथे पर हॉकी और पांचवें पर बैडमिंटन। इनमें से कबड्डी वो खेल है जो गांव-गांव की मिट्टी में बसता है। ये खेल जितना रोमांचक है, उतना ही रणनीति और ताकत का भी खेल है।

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2. कबड्डी का परिचय और इतिहास
कबड्डी भारत की धरती पर हजारों साल पुराना खेल है। माना जाता है कि ये खेल महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। इतिहासकारों का कहना है कि अर्जुन ने अपने श्वास नियंत्रण की कला का प्रदर्शन इसी खेल की प्रेरणा से किया था। कबड्डी का असली विकास भारत में हुआ और फिर यह खेल बांग्लादेश, नेपाल, ईरान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी लोकप्रिय हुआ। आज यह प्रो कबड्डी लीग जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर खेला जाता है और लाखों दर्शक इसे टीवी और ऑनलाइन देखते हैं।

3. कबड्डी खेलने का मूल नियम
कबड्डी एक टीम गेम है, जिसमें दो टीमों के सात-सात खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं। एक खिलाड़ी दूसरी टीम के आधे हिस्से में जाकर “रेड” करता है, यानी वो ‘कबड्डी-कबड्डी’ बोलते हुए जितने हो सके उतने खिलाड़ियों को छूकर अपनी तरफ लौटने की कोशिश करता है। अगर वो बिना रुके अपनी सांस में वापसी कर लेता है तो उसे अंक मिलते हैं। लेकिन अगर विरोधी खिलाड़ी उसे पकड़ लेते हैं तो वो आउट हो जाता है। यह खेल ताकत, गति और सांस पर नियंत्रण का कमाल दिखाता है।

4. रेडर और डिफेंडर की भूमिका
कबड्डी में दो मुख्य भूमिका होती हैं – रेडर और डिफेंडर। रेडर वह खिलाड़ी होता है जो विपक्षी टीम के कोर्ट में जाकर हमला करता है, जबकि डिफेंडर की जिम्मेदारी होती है उसे रोकना और पकड़ लेना। हर रेड के लिए 30 सेकंड का समय दिया जाता है, और इस दौरान रेडर को बिना सांस लिए लगातार “कबड्डी-कबड्डी” बोलना होता है। अगर रेडर सांस छोड़ देता है या आवाज़ बंद कर देता है, तो वह तुरंत आउट माना जाता है।

5. स्कोरिंग और मैच का समय
कबड्डी का मैच आमतौर पर 40 मिनट का होता है, जिसमें दो हाफ होते हैं – हर हाफ 20 मिनट का। बीच में 5 मिनट का ब्रेक होता है। प्रत्येक रेड पर अंक मिलते हैं, जैसे कि रेडर अगर एक खिलाड़ी को आउट करता है तो उसकी टीम को एक अंक मिलता है। इसी तरह अगर पूरी विपक्षी टीम आउट हो जाती है तो रेड करने वाली टीम को बोनस अंक मिलते हैं, जिसे “ऑल आउट” कहा जाता है।

6. कोर्ट और उपकरण
कबड्डी खेलने के लिए खास उपकरणों की ज़रूरत नहीं होती। बस एक समतल मिट्टी या मैट का कोर्ट चाहिए। पुरुषों के लिए कोर्ट का साइज 13 x 10 मीटर होता है, जबकि महिलाओं के लिए 12 x 8 मीटर। खेल में किसी खास ड्रेस कोड की जरूरत नहीं, लेकिन खिलाड़ियों को एक जैसे जर्सी पहननी होती है ताकि पहचान में आसानी हो।

7. कबड्डी में पेनल्टी और फाउल्स
अगर कोई खिलाड़ी गलत तरीके से विपक्षी टीम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, या रेड के दौरान नियम तोड़ता है, तो रेफरी उसे पेनल्टी दे सकता है। इसके अलावा अगर कोई खिलाड़ी कोर्ट से बाहर चला जाता है और वापस आता है, तो उसकी रेड को अमान्य कर दिया जाता है। नियमों का पालन करना ही इस खेल की असली खूबसूरती है।

8. कबड्डी के प्रकार
कबड्डी के भी कई प्रकार होते हैं। सबसे प्रसिद्ध हैं – संकल्प कबड्डी (मैट कबड्डी), सर्कल कबड्डी, बीच कबड्डी और गामीनी कबड्डी। भारत में प्रो कबड्डी लीग में मैट कबड्डी खेली जाती है, जिसमें आधुनिक तकनीक, रेफरी और डिजिटल स्कोरिंग सिस्टम का इस्तेमाल होता है।

9. प्रो कबड्डी लीग का प्रभाव
2014 में जब प्रो कबड्डी लीग शुरू हुई, तब से इस खेल ने नई ऊंचाइयां छू लीं। पहले जिसे गांवों का खेल कहा जाता था, आज वही कबड्डी ग्लोबल स्पोर्ट बन गई है। राहुल चौधरी, प्रदीप नरवाल, अजय ठाकुर जैसे खिलाड़ी अब घर-घर के नाम बन चुके हैं। प्रो कबड्डी ने ना सिर्फ खिलाड़ियों को पहचान दी बल्कि लाखों युवाओं को प्रेरणा भी दी कि वे भी इस मिट्टी के खेल से अपने सपने सजा सकते हैं।

10. भारत में कबड्डी की लोकप्रियता
कबड्डी अब सिर्फ स्कूलों और गांवों तक सीमित नहीं रही। अब ये खेल स्पोर्ट्स चैनल्स, मोबाइल ऐप्स और सोशल मीडिया तक फैल चुका है। भारत में कबड्डी को राष्ट्रीय खेलों में भी प्रमुख स्थान मिला हुआ है। यह भारत के 5 सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और देश की मिट्टी की खुशबू इस खेल में झलकती है।

कबड्डी से जुड़े 5 रोचक फैक्ट्

  1. कबड्डी का नाम तमिल शब्द “Kai-pidi” से आया है, जिसका मतलब है “हाथ पकड़ना”।
  2. यह एक ऐसा खेल है जो बिना किसी उपकरण के खेला जा सकता है।
  3. 1936 के बर्लिन ओलंपिक में कबड्डी को पहली बार डेमो स्पोर्ट के रूप में पेश किया गया था।
  4. भारत ने अब तक हर एशियाई गेम्स में कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है (सिवाय 2018 के)।
  5. प्रो कबड्डी लीग के पहले सीजन में 435 मिलियन व्यूज मिले थे, जो उस समय IPL के बाद दूसरे नंबर पर था।

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निष्कर्षKabaddi Rules: भारत में सबसे लोकप्रिय 5 गेमों में से एक कबड्डी का पूरा नियम और मजेदार जानकारी


कबड्डी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जज्बे की पहचान है। इसमें ताकत, समझदारी, टीमवर्क और आत्मविश्वास – सबकुछ शामिल है। अगर आप भारत के सबसे लोकप्रिय खेलों की बात करें, तो कबड्डी हमेशा उस लिस्ट में चमकता हुआ नजर आएगा। इसलिए अगली बार जब कोई पूछे कि “भारत में सबसे लोकप्रिय 5 गेम कौन से हैं?”, तो आप गर्व से कह सकते हैं – क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी और बैडमिंटन। और इन सबमें कबड्डी वो खेल है जो दिल और मिट्टी दोनों से जुड़ा है।

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